कार्यकर्ता
किसी भी युद्ध में जीत-हार से पहले, जरूरत होती है युद्ध लड़ने की, कोई भी युद्ध, कोई भी युद्ध बिना सैनिक के नहीं लड़ा जा सकता। मुझे नहीं लगता है कि Congress पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, जो मुझसे कहीं अधिक ज्ञानी है, इस बात से अनभिज्ञ होगे, चुनावी रण में, किसी भी पार्टी के लिए उसका कार्यकर्ता, एक सैनिक की तरह होता है।॥ एक चुनावी प्रक्रिया में उसका प्रयास ही जीत-हार की तस्वीर स्पष्ट करता है। मुझे देख कर अति आश्चर्य होता है कि आज कांग्रेस जैसी मजबुत पार्टी, जमीनी कार्यकती विहिन सी है। कई बूथों पर हाल यह है कि पार्टी का झंडा उठाने वाला तक नहीं है। और इसके बावजूद पार्टी पदाधिकारी, विधायक और सांसद निश्चिन्त होकर, कुम्भकर्ण नीद में है।
आज परेशानीयो से भरी जनता , जब उलझनों से घिरी किसी सहारे की बाट जोह रही हैं, एक भी कॉन्ग्रेसी नहीं जो उसके पास जा, सांत्वना का हाथ रख सके।
पार्टी एक बार फिर उठ कर खड़ी हो और मैदान में पूरी तैयारी से उत्तरे तो बेहतर, वरना यकिन मानिये 2029 तक पार्टी में सिवा खाली कुर्सी के कुछ ना बचेगा।
Satish Shiv Singh Khadka
क्रमश:

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